Monday, December 13, 2010

किंवदंतियों.

 कहीं नहीं करने के लिए मत देखो ... 
जब आप अपने  बचाव के पीछे ..अनंत  ... 
वहाँ कई कहानियाँ है कि हर दिन कहा जाता है
असली या कल्पना की कहानियां, 

समाचार.
शहरी किंवदंतियों.
 

लेकिन वे कुछ किस्से हैं जो इतिहास बना रहे हैं.
-राजेश एकनाथ

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